Tuesday, 29 May 2018

महाराष्‍ट्र : आतंकवाद निरोधक दस्‍ते (एटीएस) ने छापा मारकर ३६ बांग्‍लादेशी किए गिरफ्तार



महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्‍ते (एटीएस) ने पुणे ग्रामीण के पिपंरी चिंचवड में छापा मार कर अवैध तरीके से रहे ३६ बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है ! अभी कई इलाकों में भी छापेमारी की जा रही है । पिपंरी चिंचवड़ में कल से छापेमारी चल रही है । एटीएस को इलाके में बांग्‍लादेशियों के होने की सूचना मिली थी !
बता दें कि इससे पहले मार्च में भी महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने बगैर वैध दस्तावेजों के भारत में रहने के आरोप में आठ बांग्लादेशी नागरिकों को कांदिवली इलाके से गिरफ्तार किया था । पुलिस ने इस बात की जानकारी दी । अधिकारियों ने रविवार रात कांदिवली के लालजीपदा इलाके में एटीएस की चारकोप इकाई की छापेमारी के बाद इन आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया ।
बताया गया कि उन्होंने कबूल किया था कि वे बांग्लादेश के नागरिक हैं ! दो लोगों ने तो पैन कार्ड और आधार कार्ड भी बनवा लिया था ! पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) नियमों, विदेशी अधिनियम और आईपीसी की धाराओं के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया ।
स्त्रोत : न्यूज 18

मुंबई : ट्रेन में बाबाओं के पोस्टर लगाकर, तंत्रमंत्र के बहाने लोगों के फंसानेवाले दो धर्मांध गिरफ्तार


गिरफ्तार किए गए दो धर्मांध – साहिल अब्बासी और इरशाद शेख
मुंबई : मुंबई की लोकल ट्रेनों में तंत्र-मंत्रवाले बाबाओं का पोस्टर लगानेवाले दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है ! ये युवक फर्जी बाबाओं के नाम लिखकर अपने मोबाइल नंबर लिखते थे । संपर्क करनेवालों से तंत्र-मंत्र के बहाने ठगी करके फरार हो जाते थे !
गिरफ्तार किए गए युवकों का नाम साहिल अब्बासी (२१) और इरशाद शेख (२०) है । दोनों मेरठ के रहनेवाले हैं । दोनों के पास से आरपीएफ ने २०,००० पोस्टर्स बरामद किए हैं । दोनों युवकों में से एक का मोबाइल नंबर तक इस पोस्टर में प्रिंट था ।
अब्बासी और शेख ने बताया कि उन लोगों ने हर्बर लाइन की ट्रेनों के ५१ कोचों में ३,००० पोस्टर चस्पा किए हैं ! मामला पुलिस के सामने तब आया जब कुर्ला में तैनात एक आरपीएफ अधिकारी ने पाया कि रातों रात ट्रेनों में कई सारे पोस्टर्स लगा दिए गए । अधिकारी ने नजर रखना शुरू किया । वर्कशॉप का निरीक्षण करने के दौरान आरपीएफ कॉन्स्टेबल अखिलेश कुमार ने पाया कि कुछ पोस्टर्स ताजा हैं । उन्होंने कोचों में देखना शुरू किया तो दो युवक उन्हें पोस्टर लगाते हुए मिल गए ।
कुर्ला कार शेड के इंस्पेक्टर महेंद्र मिश्रा ने बताया कि युवकों के पास से जो पोस्टर मिले हैं वे गुरु रहमान जी अजमेरी, गुरु मां खान, मन्नान शाह, राजा बंगाली नाम के हैं । पड़ताल में पता चला कि उन पोस्टर्स में उन्हीं दोनों युवकों के नंबर प्रिंट थे और वे ही बाबा बनकर लोगों के साथ ठगी करते थे !
वे संपर्क करनेवाले लोगों से उनके समस्याओं के समाधान के लिए तंत्र-मंत्र करने को कहते थे । इसके बदले अपने अकाउंट में रुपये मंगाते और भाग जाते !
स्त्रोत : नवभारत टाईम्स

Sunday, 6 May 2018

मिनी पाकिस्तान है अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी – हिन्दू महासभा



स्वामी चक्रपाणि, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारत हिन्दू महासभा . . . एक बार पूरी तरह से इसकी सफाई होनी चाहिए !
एएमयू (अलीगढ मुस्लिम यूर्निवर्सिटी) हमेशा सुर्खियों में रहती है । एएमयू मिनी पाकिस्तान है । इसे आतंकियों का गढ भी कहा जाता है । यहां कट्टरता का पाठ पढाया जाता है । एक बार पूरी तरह से इसकी सफाई होनी चाहिए । ये कहना है अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि का ! न्यूज18 हिन्दी से खास बातचीत में उन्होंने एएमयू पर ये आरोप लगाए हैं !
Aligarh Muslim University students stage a protest over Jinnah portrait issue in Aligarh on Friday. , PTI
पाकिस्तान के कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर उठे विवाद पर बोलते हुए स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि एएमयू में जिन्ना की तस्वीर लगाना देश के महापुरुषों और सेना का अपमान है । वो वहां के राष्ट्रपिता हैं । इसलिए एएमयू की जांच की जानी चाहिए कि किसके आदेश पर वहां तस्वीर लगाई है ।
उनका कहना है कि जिन्ना का आजादी की लड़ाई में जो भी योगदान रहा हो, परंतु वह देश के बंटवारे और हिन्दू-मुसलमान की मौत के जिम्मेदार हैं, इसलिए इस देश में उनकी तस्वीर नहीं लगाई जा सकती !
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या के बयान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि मौर्या के पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई से संबंध हैं । तभी वो पद की गारिमा का ध्यान न रखते हुए इस तरह के बयान दे रहे हैं । इनकी जांच कराई जानी चाहिए ।
स्त्रोत : न्यूज 18

Wednesday, 14 March 2018

फिल्म के आपत्तिजनक दृश्य में कुरान के आयतों का उपयाेग करने के कारण पाकिस्तान मे अनुष्का शर्मा की ‘परी’ पर लगा बैन


नई देहली : अभिनेत्री अनुष्का शर्मा की फिल्म ‘परी’ को पाकिस्तान में प्रतिबंध कर दिया गया है ! पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड का कहना है कि, फिल्म में काला जादू, गैर इस्लामिक-मूल्यों और मुस्लिम विरोधी भावनाओं को दर्शाया गया है जिसके कारण फिल्म को प्रतिबंध किया जा रहा है । फिल्म अनुष्का शर्मा के प्रोडक्शन की तीसरी फिल्म है ।

फिल्म में कुरान के आयतों को मंत्र के साथ किया गया मिक्स

पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो टीवी के अनुसार, फिल्म परी पर इसलिए प्रतिबंध लगाया गया है कि, फिल्म में ऐसे कई आपत्तिजनक दृश्य हैं जहां कुरान के आयतों का उपयाेग किया गया है । पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड के एक सूत्र ने जियो टीवी को बताया, ‘इस फिल्म में न केवल कुरान के आयतों को हिन्दू मंत्रों के साथ मिक्स कर दिखाया गया है बल्कि कुरान के आयतों को नकरात्मक परिप्रेक्ष्य जैसे काला जादू करने के लिए दिखाया गया है !’

फिल्म काला जादू को बढावा देती है

पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून से बात करते हुए सेंसर बोर्ड के एक सदस्य ने बताया, ‘फिल्म की पटकथा, संवाद और कहानी हमारे इस्लामी मूल्यों के खिलाफ है । हमारे यहां काले जादू को लेकर अलग विचारधारा है । ये फिल्म काला जादू को बढावा देती है जो कि गैर-इस्लामिक है !

फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर ने भी फैसले का किया स्वागत

पाकिस्तान फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर ने भी सेंसर बोर्ड के इस फैसले का स्वागत किया है । सेंसर बोर्ड के इस फैससे के बाद एक सिनेमाहाल नुपलैक्स सिनेमाज ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि जिन दर्शकों ने फिल्म परी का एडवांस बुकिंग कराया था उनके पैसों को रिफंड कर दिया गया है !
स्त्रोत : वन इंडिया

Monday, 5 March 2018

हिंसा के वीडियो दिखाकर ‘बाल आतंकियों की फौज’ तैयार कर रहा था मदरसा का शिक्षक

हिंसा के वीडियो दिखाकर ‘बाल आतंकियों की फौज’ तैयार कर रहा था मदरसा का शिक्षक

लंदन के २५ वर्षीय उमर अहमद हक को शुक्रवार (२ फरवरी) को न्यायालय ने ‘बाल आतंकियों की फौज’ खडी करने के प्रयासों का दोषी पाया । समाचार एजेंसी रॉयटर्स की खबर के अनुसार, उमर हक लंदन में कई आतंकी हमले करना चाहता था । उसे खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट का समर्थक बताया जा रहा है । उमर हक मदरसे में पढने वाले बच्चों को हिंसा के वीडियो दिखाकर उन्हें बाल आतंकी बनाने का प्रयास कर रहा था । वह बच्चों को पुलिस पर हमला करने का भी प्रशिक्षण दे रहा था ।
आतंकवाद मामलों के महानगरीय पुलिस प्रमुख डीन हेडन ने बताया, ‘उसकी योजना बाल आतंकियों की फौज तैयार कर लंदन भर में कई आतंकी हमले करने की थी । उसने प्रयास किया, हमें लगता है कि कट्टरपंथ की चपेट में ११ से १४ साल के बच्चे होंगे ।’ पुलिस ने बताया कि किसी प्रकार की योग्यता नहीं रखने वाले उमर हक को व्यवस्थापक के तौर पर नौकरी पर रखा गया था ।
वह पढाई की आड में एक छोटे से निजी इस्लामी स्कूल और पूर्वी लंदन की रिपल रोड मस्जिद से जुडे एक मदरसे के ११० बच्चों को इस्लामिक शिक्षा देकर आतंकी बना रहा था । उन बच्चों में से ३५ अब सामाजिक सेवाओं और अन्य अधिकारियों से जुडे लंबे समय वाले सुरक्षा उपायों से गुजर रहे हैं । उनमें से ६ ने उमर हक के विरुद्ध ऐसे साक्ष्य मुहैया कराए जिनमें  बताया गया था कि लडाई करना अच्छा है और ताकत बढाने के लिए क्या उपाय करने चाहिए । अभियोजन पक्ष ने बताया कि उमर हक का उद्देश लंदन के बिग बेन टॉवर, महारानी की सुरक्षा में लगे सैनिकों, एक बडे शॉपिंग सेंटर, बैंकों और मीडिया स्टेशनों पर हमला करने का था ।
उमर हक पिछले वर्ष मार्च में हुए लंदन के वेस्टमिंस्टर ब्रिज पर हए आतंकी हमले से प्रेरित था, जिसमें खालिद मसूद नाम के आतंकी ने संसद के इलाके में एक पुलिस अधिकारी को चाकू से मारने के बाद किराये पर कार लेकर चार यात्रियों को कुचलकर मार डाला था । उसने मदरसे में पढाने वाले १९ वर्षीय शख्स अबू ताहेर मैमून से बंदूकों और बारूद से भरी कारों से उसी तरह के हमले करने की बात की थी । उसने बच्चों को मसूद की तरह हमले करने के लिए कहा था और अपने साथी को कहा था कि जनता का विनाश होना चाहिए ।
स्त्रोत : जनसत्ता

Thursday, 1 March 2018

मदरसे में ७० साल के मौलवी ने किया ९ साल की मासूम का बलात्कार



नई देहली : नरेला क्षेत्र में एक ९ वर्ष की बच्ची से मदरसे के अंदर बलात्कार का मामला सामने आया है । आरोप मदरसे के ७० वर्षीय मौलवी पर है । पेट में दर्द और प्राइवेट पार्ट से खून बहने से परिजनों को इस बात का पता चला । पूछने पर बच्ची ने रोते बिलखते पूरी आपबीती बताई । परिजन तुरंत ही बच्ची को नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उसकी हालत देख आंबेडकर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया । इस बीच लोकल पुलिस पहुंच गई । मेडिकल रिपोर्ट व बच्ची के बयान पर बलात्कार, पॉक्सो व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया । आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है ।
पुलिस अफसरों ने घटना की पुष्टि की है । आरोपी की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी ७० वर्षीय मोहम्मद जफीर आलम के रूप में हुई है । वह नरेला थाना क्षेत्र स्थित बवाना जेजे कॉलोनी के ई-ब्लॉक में अपने बेटे के साथ रहता है, जिसने झुग्गीनुमा मदरसा बनाया हुआ है । मदरसे में वह छोटे बच्चों को तालीम देता है । ९ साल की बच्ची भी परिवार के साथ बवाना जेजे कॉलोनी में रहती है । पिता फैक्ट्री में काम करते हैं । वह आसपास के बच्चों के साथ इसी मदरसे में पढने जाती है । घटना शनिवार शाम की है । पुलिस सूत्रों का कहना है कि बच्ची आरोपी मौलवी के पास पढने गई थी । पीडित बच्ची उसे दादा कहती है । शाम को लगभग ७ बजे जब सभी बच्चे चले गए, तो आरोपी ने उसे बहाने से रोक लिया ।
आरोप है कि अंदर से दरवाजा बंद करके बच्ची को ५ का सिक्का दिया । उसके बाद आरोपी मौलवी ने डरा-धमकाकर मासूम के साथ बलात्कार किया । घटना के बाद पीडिता जब घर जाने लगी, तो आरोपी ने उसे घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी । घर आने के बाद डर के मारे मासूम बच्ची ने घटना के बारे में नहीं बताया और दो दिन तक गुमसुम रही । सोमवार रात बच्ची की तबियत खराब हुई, दर्द से कराहने लगी । परिवार वालों ने देखा तो उसके निजी अंगों से ब्लीडिंग हो रही थी । परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने जानकारी दी कि उसके साथ बलात्कार हुआ है । उसके बाद बच्ची ने आपबीती बताई । परिजनों ने घटना की शिकायत पुलिस से की । पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केस दर्ज कर आरोपी को मंगलवार शाम गिरफ्तार कर लिया ।
स्त्रोत : नवभारत टाइम्स

Wednesday, 28 February 2018

लीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ की धमकी – ‘किसी आरएसएस वाले को बुलाया तो होगा बुरा अंजाम

लीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ की धमकी – ‘किसी आरएसएस वाले को बुलाया तो होगा बुरा अंजाम


अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्र संघ ने वि.वि. प्रशासन को धमकी दी है कि, यदि कोई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा वाले को आगामी दीक्षांत समारोह के कार्यक्रम में बुलाया गया, तो उसका अंजाम अच्छा नहीं होगा। एएमयू में अगले महीने सात तारीख को यह कार्यक्रम होना है, जिसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। छात्र संघ ने इस बाबत एएमयू के कुलपति तारिक मंसूर को एक चिट्ठी भी लिखी है। छात्र संघ के सचिव मोहम्मद फहाद ने इसमें कोविंद के साल २०१० के उस बयान का जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जस्टिस रंगनाथ मिश्रा कमीशन को खत्म कर दिया जाना चाहिए। कमीशन में यह कहा गया था कि मुस्लिम और ईसाई में शामिल होने वालों को पिछडी जातियों के अंतर्गत गिना जाना चाहिए। ऐसे में कोविंद ने कहा था, ‘इस्लाम और ईसाई देश में एलियन जैसे हैं।’
फहाद ने अपनी चिट्ठी में कहा, ‘कोविंद द्वारा अल्पसंख्यकों के खिलाफ दिया गया बयान अभी भी एएमयू छात्रों के दिमाग में है।
छात्र संघ सचिव के अनुसार, ‘हम एएमयू प्रशासन को भी धमकी देते हैं कि यदि कार्यक्रम में किसी आरएसएस वाले को राष्ट्रपति के साथ बुलाया गया तो वे उसका खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहें। वि.वि. किसी भी हालत में आरएसएस के धडे को लोगों को सहन नहीं करेगा, जिन्होंने बाबरी मस्जिद गिराई और महात्मा गांधी को मारा।’ वहीं, छात्र संघ अध्यक्ष मसकूर अहमद उस्मानी ने कहा, “कार्यक्रम के दौरान हम किसी भी राजनेता को वि.वि. में घुसने नहीं देंगे। साल २०१० में कोविंद के बयान ने हम सभी को ठेस पहुंचाई थी।